छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पुलिस लाइन में पदस्थ एक आरक्षक का गजब का किस्सा सामने आया है, जहां उसने अस्पताल में इलाज करवा रहे बंदी को अपनी लापरवाही के चलते भागने दिया और उसके बाद दूसरे जिले में उसे खोजने के बहाने चेकिंग पॉइंट लगाकर गाड़ियों से पैसे वसूलने लगा. इस दौरान जब इलाके के थाना प्रभारी मौके से गुजर रहे थे तो चेकिंग को देखकर हक्का-बक्का रह गए.
दरअसल, बिलासपुर पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक रजनीश लहरे की सरकारी अस्पताल में एक बंदी की सुरक्षा में ड्यूटी लगाई गई थी. इस दौरान उसकी लापरवाही से बंदी भाग निकला. बंदी के भागने के बाद आरक्षक रजनीश ने अपने किसी बड़े अधिकारियों को सूचना दिए बगैर अपने कुछ दोस्तों के साथ बोलेरो गाड़ी में सक्ती जिला खोजने निकल गया. यहां उसने हसौद क्षेत्र के डभरा-चंद्रपुर मार्ग में फर्जी चेकिंग लगा दी और खुद डभरा थाना प्रभारी बनकर आने-जाने वाली गाड़ियों से पैसे वसूलने लगा.
इधर, डभरा थाना प्रभारी रात्रि गश्त में निकले तो इलाके में लंबी वाहनों की कतारों को देखकर हक्का-बक्का रह गए. मौके पर पहुंचे रजनीश लहरे खुद डभरा थाना प्रभारी बनकर वसूली में लगे थे. इस दौरान इस फर्जी चेकिंग को रुकवाकर डभरा थाना प्रभारी ने रजनीश लहरे और विक्की दास उर्फ़ छोटू को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं रजनीश का एक अन्य साथी मौके से फरार हो गया है. वहीं इस मामले की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रहे हैं.




