रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन 2024 में हुई राजस्व निरीक्षक भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक राजेश मूणत ने यह मुद्दा जोरशोर से उठाते हुए अनियमितताओं के लिए पिछली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इसके जवाब में कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का कहना था कि यह परीक्षा मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में आयोजित हुई, इसलिए दोष पिछली सरकार पर मढ़ना गलत है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल ने इस मामले की CBI जांच की मांग की और कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए यह जरूरी है।
Read Also- छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र शुरू, कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में हुई रणनीति पर चर्चा
इस बीच, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट में अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि अब यह मामला आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को सौंपा गया है, जहां 40 अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की जा रही है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि अगले विधानसभा सत्र से पहले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने यह सवाल उठाया कि EOW जांच के आदेश किस स्तर से दिए गए हैं। इसके जवाब में मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय राजस्व विभाग द्वारा लिया गया है, और जांच प्रक्रिया विभागीय आदेश के तहत ही शुरू की गई है।




