रायपुर,: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप जैसे मामलों में अपनी संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। इस याचिका में उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी है। बघेल ने मांग की है कि उन्हें इन मामलों में गिरफ्तारी से संरक्षण दिया जाए और जांच में सहयोग करने का अवसर प्रदान किया जाए। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई सोमवार, 4 अगस्त 2025 को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष होने वाली है।
राजनीतिक द्वेष का आरोप
बघेल ने अपनी याचिका में दावा किया है कि उनकी और उनके बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनके बेटे को 18 जुलाई 2025 को उनके जन्मदिन के दिन ईडी ने गिरफ्तार किया, वह केंद्र सरकार की “द्वेषपूर्ण राजनीति” का प्रतीक है। बघेल ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के इशारे पर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं। उन्होंने कहा, “ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग विपक्ष को दबाने के लिए किया जा रहा है।”
चैतन्य बघेल की जमानत याचिका
पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होनी है। चैतन्य को ईडी ने 18 जुलाई 2025 को 2,160 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। ईडी का दावा है कि चैतन्य ने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि को रियल एस्टेट और अन्य माध्यमों से लॉन्ड्रिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें 16.7 करोड़ रुपये उनके पास पहुंचे। चैतन्य ने अपनी याचिका में कहा है कि उनका नाम न तो ईडी की एफआईआर में है और न ही किसी के बयान में, फिर भी उन्हें “राजनीतिक द्वेष” के तहत गिरफ्तार किया गया। वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
महादेव सट्टा ऐप और अन्य मामले
बघेल का नाम महादेव सट्टा ऐप घोटाले में सीबीआई की एफआईआर में छठे आरोपी के रूप में दर्ज है। ईडी ने दावा किया है कि महादेव ऐप के प्रमोटरों ने बघेल को 508 करोड़ रुपये की “रक्षा राशि” दी थी। सीबीआई ने इस मामले में मार्च 2024 में बघेल के रायपुर और भिलाई स्थित आवासों पर छापेमारी की थी। बघेल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी सरकार ने महादेव ऐप के खिलाफ 74 एफआईआर दर्ज की थीं, 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था और 2,000 से ज्यादा बैंक खातों को फ्रीज किया था। उन्होंने इसे “राजनीतिक साजिश” करार देते हुए कहा, “जो कार्रवाई करता है, वह रक्षा राशि कैसे ले सकता है?”
शराब और कोयला घोटाला
ईडी ने शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के अलावा बघेल के करीबी सहयोगियों और नौकरशाहों पर भी कार्रवाई की है। कोयला घोटाले में 540-570 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का आरोप है। बघेल ने इन सभी मामलों को बीजेपी की “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया है और कहा कि ये छापेमारियां उनकी छवि खराब करने और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए की जा रही हैं।




