जांजगीर। ट्रेन में सफर सतर्क रहना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी भी चूक, आपको भारी पड़ सकती है। ऐसा ही एक नया मामला सामने आया है, जहां सफर में दोस्ती कर विश्वास जीतने और फिर 6 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने वाले उत्तर प्रदेश के दो शातिर ठगों को जांजगीर कोतवाली पुलिस ने बेहद चालाकी से गिरफ्तार किया है। वार्ड-14 निवासी प्रमोद पांडे से ठगी करने वाले इन आरोपियों की पहचान कृष्णानंद सिंह (निवासी बलिया) और सर्वेश पांडे (निवासी मिर्जापुर) के रूप में हुई है।
पीड़ित प्रमोद पांडे की इनसे मुलाकात रेल यात्रा के दौरान हुई थी, जहां बातचीत के माध्यम से आरोपियों ने उसका भरोसा जीत लिया। बाद में उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर बड़ी रकम ठग ली। इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी ने खुद को पीड़ित का भाई बताकर आरोपियों को कानूनी दस्तावेज दिखाने के बहाने नैला बुलाया। योजना के तहत 25 जून को रेलवे स्टेशन पर दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी पहले यात्रियों का बैग चुराते थे, फिर वापस कर दोस्ती करते, इसके बाद जाल में फंसा कर ठगी करते। कई बार फर्जी पिता बनकर भी फोन कॉल पर भरोसा जीतने का नाटक करते थे।पुलिस ने दोनों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 3(5) तथा IT एक्ट की धारा 66D के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।कोतवाली पुलिस की इस कार्यवाही को एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिससे रेल यात्रियों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।




