स्पोर्ट्स डेस्क। 9 सितंबर से शुरू हो रहे एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित मुकाबले को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है। सरकार ने साफ किया है कि मल्टीनेशनल टूर्नामेंट्स में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने पर कोई रोक नहीं है। हालांकि, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज पर प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेगा। गुरुवार को खेल मंत्रालय ने नई खेल नीति जारी की।

नई खेल नीति की 4 बड़ी बातें
- इंटरनेशनल और मल्टीनेशनल टूर्नामेंट्स (चाहे भारत में हों या विदेश में) में भारतीय भागीदारी का निर्णय खिलाड़ियों के हित और इंटरनेशनल खेल संस्थाओं के नियमों को ध्यान में रखकर होगा।
- भारतीय टीमें कॉमनवेल्थ गेम्स, ओलंपिक, क्रिकेट और हॉकी वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेंगी, जिनमें पाकिस्तान भी खेलता है। इसी तरह भारत में होने वाले ऐसे आयोजनों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भी आने दिया जाएगा।
- भारत को इंटरनेशनल खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के मकसद से खिलाड़ियों, अधिकारियों और इंटरनेशनल फेडरेशनों से जुड़े लोगों के वीजा नियम आसान किए जाएंगे।
- इंटरनेशनल खेल संगठनों के पदाधिकारियों को उनकी कार्यावधि (अधिकतम 5 वर्ष) के लिए प्राथमिकता के आधार पर मल्टी-एंट्री वीजा उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार ने यह स्पष्ट तो किया है कि पाकिस्तानी खिलाड़ी भारत में आयोजित मल्टीनेशनल इवेंट्स में भाग ले सकेंगे, लेकिन यह नहीं बताया गया कि भारतीय टीमें पाकिस्तान जाकर खेलेंगी या नहीं। उल्लेखनीय है कि इसी साल फरवरी-मार्च में भारत ने पाकिस्तान में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी खेलने से मना कर दिया था। इसके बाद भारत के मुकाबले और फाइनल मैच दुबई में आयोजित किए गए थे।




