Close Menu
KhabarwaadKhabarwaad
    Top Posts

    एक ऐप, सभी रेलवे सेवाएं: RailOne App से यात्रियों को मिल रही स्मार्ट सुविधाएं

    July 24, 2026

    BA-LLB छात्रों को बड़ी राहत, गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी ने रद्द किया री-एग्जाम

    July 24, 2026

    राजीव भवन विवाद: FIR के विरोध में खम्हारडीह थाने के बाहर कांग्रेस का धरना, भाजपा नेताओं पर भी केस की मांग

    July 23, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • एक ऐप, सभी रेलवे सेवाएं: RailOne App से यात्रियों को मिल रही स्मार्ट सुविधाएं
    • BA-LLB छात्रों को बड़ी राहत, गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी ने रद्द किया री-एग्जाम
    • राजीव भवन विवाद: FIR के विरोध में खम्हारडीह थाने के बाहर कांग्रेस का धरना, भाजपा नेताओं पर भी केस की मांग
    • स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित, सरकार ने हड़ताली अतिथि शिक्षकों को दिया 27 जुलाई तक का समय
    • NEET मुद्दे पर कांग्रेस पर बरसे प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, बोले— छात्रों के आंदोलन को राजनीति की भेंट चढ़ाया
    • छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा के लिए आईआईटी मद्रास के साथ हुआ ऐतिहासिक एमओयू
    • 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते महिला आरक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार
    • रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया किसानों की फसल खरीदारी का मुद्दा
    Facebook X (Twitter) Instagram
    KhabarwaadKhabarwaad
    Friday, July 24
    • Home
    • छत्तीसगढ़
      • रायपुर संभाग
      • दुर्ग संभाग
      • बिलासपुर संभाग
      • बस्तर संभाग
      • सरगुजा संभाग
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • अपराध
    • राजनीति
    • धर्म एवं समाज
    • अफसरशाही
    • खेल
    • मनोरंजन
    • स्वास्थ्य
    • राशिफल
    • Auto & Gadget
    KhabarwaadKhabarwaad
    Home » सरकारी स्कूल बना तंत्र-मंत्र का अड्डा, सुबह कोयल की बलि देख सन्न रह गए बच्चे

    सरकारी स्कूल बना तंत्र-मंत्र का अड्डा, सुबह कोयल की बलि देख सन्न रह गए बच्चे

    Shrikant BaghmareBy Shrikant BaghmareSeptember 5, 2025Updated:September 5, 2025 दुर्ग संभाग No Comments3 Mins Read
    सरकारी स्कूल बना तंत्र-मंत्र का अड्डा, सुबह कोयल की बलि देख सन्न रह गए बच्चे

    दुर्ग। जिले के बोरसी के सरकारी स्कूल में शुक्रवार सुबह बच्चों ने वो नज़ारा देखा, जो शायद फिल्मों में भी न मिलता। प्रिंसिपल ऑफिस के सामने बरामदे में खून से सना पक्षी पड़ा था, चारों ओर नींबू, सिंदूर और तांत्रिक आकृतियां। कोयल की बलि चढ़ाई गई थी। बच्चे सहम गए, शिक्षक सकते में आ गए और शिक्षा का मंदिर अंधविश्वास की प्रयोगशाला में बदल गया।

    आधी रात की “कक्षा”

    स्कूल के गेट बंद थे, लेकिन किसी ने रात के अंधेरे में प्रिंसिपल ऑफिस के ठीक सामने यह तंत्र साधना की। सुबह जब बच्चे पहुंचे तो उन्होंने देखा—जहां कल ब्लैकबोर्ड पर गणित का सवाल लिखा था, आज वहां काले जादू का फॉर्मूला पड़ा था। बच्चे घबरा कर भागे, और शिक्षक भी दहशत में आ गए।

    विज्ञान की जगह बैगा

    प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। लेकिन इस बीच शिक्षकों ने “साइंस” की बजाय “श्रद्धा” पर भरोसा किया और टोटके की काट के लिए बैगा बुला लिया। बच्चों ने विज्ञान की किताबें बंद कर दीं और मंत्रोच्चारण सुनने पर मजबूर हो गए। सोचिए, जिस जगह पर बच्चों को न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण पढ़ाया जाना चाहिए था, वहां “काला जादू का आकर्षण” समझाया जा रहा था।

    वायरल वीडियो और दहशत

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग पूछ रहे हैं कि अगर स्कूलों में भी यह सब होने लगे तो बच्चों को पढ़ाई कौन सिखाएगा? अभिभावक भी चिंतित हैं—बच्चे किताबों से डरेंगे या फिर भूत-प्रेत से?

    कानून का आईना

    अब आइए सीधे कानून की किताब खोलते हैं—

    • IPC धारा 429: किसी पक्षी या जानवर को मारने पर 5 साल तक की सजा और जुर्माना। यानी कोयल की हत्या सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि अपराध है।
    • IPC धारा 295A: धार्मिक या सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य दंडनीय है।
    • छत्तीसगढ़ अंधविश्वास निवारण अधिनियम 2021: ऐसे कृत्यों पर सीधे कार्रवाई का प्रावधान है, आरोपी को जेल और जुर्माना दोनों हो सकता है।

    समाज पर असर

    मामूली लगने वाली ये घटना दरअसल बेहद खतरनाक है। स्कूल बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह होनी चाहिए, लेकिन यहां उन्हें पढ़ाई की जगह अंधविश्वास की क्लास मिली। इससे बच्चों के दिमाग में डर बैठता है और समाज में यह संदेश जाता है कि “ज्ञान से ज्यादा ताकत टोटके में है।”

    यह मामला सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं है। यह बताता है कि अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं और शिक्षा व्यवस्था कितनी असुरक्षित। सवाल यह है कि क्या सरकार और पुलिस इस अपराध को सिर्फ “शरारती तत्वों की करतूत” कहकर भूल जाएगी, या फिर सचमुच बच्चों को अंधविश्वास से आज़ादी दिलाने का काम करेगी?

     

    • Get News Portal Website @Rs.5999 | WhatsApp on +91 8871571321
    • Get Web Hosting @Rs49 | Visit - HostRT.in
    #EducationVsSuperstition #SchoolSafety #StopBlindFaith #अंधविश्वासखतरनाक #कोयलबली #छत्तीसगढ़न्यूज़ #छात्रऔरसुरक्षा #दुर्गखबर #स्कूलमेंतंत्रमंत्र BreakingNews
    Share. Facebook Twitter LinkedIn Email Telegram WhatsApp
    Shrikant Baghmare
    • Website

    Keep Reading

    प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी

    राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला, कई जिलों के ASP-DSP बदले, देखें पूरी सूची…

    राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का विस्तार, छत्तीसगढ़ के चार संभागों में होंगे आयोजन

    छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी बारिश के आसार, कई जिलों में अलर्ट

    पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल, IPS शंकर बघेल और आकाश शुक्ला को मिला अतिरिक्त प्रभार, आदेश जारी…

    गृह निर्माण मंडल की समीक्षा बैठक, गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण पर जोर

    Add A Comment

    Comments are closed.

    Khabarwaad Vacancy

    Pages

    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    Categories

    • छत्तीसगढ़
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • अपराध
    •  
    • खेल
    • राजनीति
    • धर्म एवं समाज
    • मनोरंजन

    Owner / Editor Details :- 

    Name :- Shrikant Baghmare

    Contact :- 6264 390 985

    Email :- khabarwaadnews@gmail.com

     

    © 2026 Maintained By RTISPL
    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Terms of service
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.