सुरजपुर। अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे-130 पर बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। कोयला लोड कर अंबिकापुर से बिलासपुर की ओर जा रहा एक तेज रफ्तार हाईवा डांडगांव के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि तीन दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। एक अन्य बच्चे के दबे होने की आशंका से गांव में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8.45 बजे यह हादसा हुआ। हाईवा के पलटने से उसमें लदा कोयला सड़क पर बिखर गया, जिसकी चपेट में वहां खेल रहे दो बच्चे कामेश्वर और एक अन्य आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बच्चों को निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर एक बच्चे को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
कोयले के ढेर और वाहन के मलबे से आरिफ खान, उसकी मां और एक अन्य व्यक्ति की दुकानें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। तीसरे बच्चे के दबे होने की आशंका के चलते लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।
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सूचना मिलते ही उदयपुर तहसीलदार विकास जिंदल और थाना प्रभारी शिशिर कांत सिंह मौके पर पहुंचे। प्रशासन की टीम ने तत्काल जेसीबी मंगाकर कोयले का ढेर हटवाया, लेकिन कोई अन्य बच्चा मलबे में नहीं मिला। बताया जा रहा है कि तीसरा बच्चा हादसे से कुछ ही देर पहले वहां से चला गया था।
लगभग साढ़े दो घंटे तक चले चक्काजाम के कारण अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर समझाइश दी, जिसके बाद करीब 11.30 बजे जाम समाप्त किया गया और यातायात बहाल हुआ।
ग्रामीणों की मांग — हाईवे पर स्पीड ब्रेकर व भारी वाहनों पर रोक
डांडगांव सरपंच और ग्रामीणों ने बताया कि तेज रफ्तार में दौड़ते भारी वाहनों के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्कूल आने-जाने के समय बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है। सरपंच ने एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें हाईवे पर स्पीड ब्रेकर बनाने, गति नियंत्रण के उपाय करने और स्कूल समय में भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की मांग की गई है।




