मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर,: जिले के देवाडांड़ हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब मंच पर जिला पंचायत सदस्य ममता सिंह की नाराजगी और तीखी टिप्पणियों के बाद मुख्य अतिथि और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीच में ही कार्यक्रम छोड़ दिया। इस घटना ने न केवल कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए।
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क्या है मामला?
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उस समय नाराज हो गए, जब जिला पंचायत सदस्य ममता सिंह ने माइक लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर सवाल उठाए। ममता सिंह ने मंच से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया और आमंत्रण पत्र में उनका नाम शामिल न करना न केवल उनका, बल्कि एक महिला, आदिवासी और जनप्रतिनिधि का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्या उनकी कांग्रेस पार्टी से निष्ठा और एक आदिवासी महिला होने के कारण उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। ममता ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ममता सिंह की तीखी टिप्पणियों से माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल बिना कोई टिप्पणी किए मंच छोड़कर चले गए।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इस घटना पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “ममता सिंह न केवल एक आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि हैं, बल्कि एक पूर्व सैनिक की पत्नी और शिक्षक की बहू भी हैं। उनके साथ ऐसा व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक है। यह शिक्षा विभाग और प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।” कांग्रेस ने इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन पर जानबूझकर विपक्षी नेताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग पर सवाल
इस घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग की आयोजन व्यवस्था और समन्वय की कमी को उजागर किया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस बात पर नाराजगी जताई कि एक जनप्रतिनिधि को नजरअंदाज करना न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समुदाय और महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है।




