बिलासपुर। नेशनल हाईवे-130 पर सड़क जाम करने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बिलासपुर पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस ने शहर के कुछ रसूखदार युवकों की लग्जरी कारों को जब्त कर लिया है और उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर भी दर्ज की गई है। जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी भी की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, भाजपा नेता के करीबी और पूर्व कांग्रेस नेता विनय शर्मा के बेटे वेदांश शर्मा ने हाल ही में दो नई महंगी लग्जरी कारें खरीदी थीं। इस मौके पर वह अपने दोस्तों के साथ टोयोटा शोरूम पहुंचा, जहां उसने काले रंग की गाड़ियों के काफिले के साथ अलग-अलग पोज़ में वीडियो बनवाया। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया था, जो बाद में वायरल होने के बाद हटा दिया गया।
वीडियो में देखा गया कि युवकों ने बीच सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर ट्रैफिक बाधित किया, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हुई। हालांकि, पहले पुलिस ने सिर्फ 2-2 हजार रुपये का चालान काटकर मामले को रफा-दफा कर दिया था।
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हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने और जन आक्रोश बढ़ने के बाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने जैसा है।
कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब मामला इतना गंभीर है, तो पुलिस ने अब तक गाड़ियां जब्त क्यों नहीं कीं और प्रभावी धाराओं में केस क्यों नहीं दर्ज किया गया।
हाईकोर्ट की टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि, यह बेहद चिंता का विषय है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की शरारतें दोहराई जा रही हैं। ऐसे लोग न केवल खुद की जान जोखिम में डालते हैं, बल्कि दूसरों की जिंदगी से भी खिलवाड़ करते हैं। जब कोई रईस बच्चा इस तरह की हरकत करता है, तो पुलिस की ढिलाई और भी चिंताजनक हो जाती है।
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तेजी से हुई कार्रवाई
हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर सकरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी लग्जरी गाड़ियों को जब्त कर लिया है। साथ ही बीएनएस की धारा 126(2), 285, 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है।




