जगदलपुर। बस्तर के कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान (कांगेरघाटी) में वन्यजीव सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। पेदावाड़ा चौक के पास आज दोपहर एक तीर से घायल हिरण जंगल से भागता हुआ नेशनल हाईवे 30 तक पहुंच गया, जहां वह तड़पते हुए गिर पड़ा। राहगीरों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही हिरण की मौत हो गई।
कांगेर घाटी में तीर से घायल हिरण की मौत, शिकारियों की जंगल पार दस्तक
घायल हिरण की तड़पती विदाई
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिरण के शरीर में तीर गहरे तक धंसा हुआ था, जिससे वह लगातार खून बहने और दर्द से बेहाल था। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे सड़क किनारे हटाया, लेकिन देर हो चुकी थी। घायल अवस्था में हिरण ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
शिकारियों के निशाने पर जंगल के मासूम जीव
कांगेरघाटी राष्ट्रीय उद्यान के एसडीओ कमल तिवारी ने पुष्टि की है कि हिरण पर शिकार की कोशिश की गई थी। उन्होंने बताया।
वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर संवेदनशील वन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। यह चिंताजनक है कि शिकारियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब जंगलों से निकलकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक उनकी करतूतें पहुंचने लगी हैं।




