Kawardha News Latest Update: कवर्धा जिले के सबसे बड़े पीजी कॉलेज में 50 लाख रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया है, जिसे लेकर राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है। राज्य सरकार ने कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. बीएस चौहान को सस्पेंड कर दिया है। यह गड़बड़ी कॉलेज के जनभागीदारी समिति से जुड़ी हुई है, जिसमें कॉलेज के खजाने से 50 लाख रुपये से अधिक की राशि गबन की गई है। इस मामले ने पूरे कॉलेज प्रशासन को हिला कर रख दिया है, और इसके बाद कॉलेज के वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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एबीवीपी द्वारा शिकायत कर सौपा गया था ज्ञापन
Kawardha News Latest Update: यह मामला तब सामने आया, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 11 नवंबर को कॉलेज प्रशासन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई और ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। एबीवीपी नेता तुषार कुमार ने कहा कि कॉलेज के जनभागीदारी शुल्क के तहत 50 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी की घटना सामने आई है, जिससे कॉलेज को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। तुषार कुमार ने कहा, “कॉलेज प्रशासन ने इस मामले को दबाने की कोशिश की, लेकिन हम इसका पर्दाफाश करेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस गड़बड़ी में शामिल हैं, और उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। एबीवीपी की मांग के बाद राज्य सरकार ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई शुरू कर दी।
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प्राचार्य का बयान और गड़बड़ी की जानकारी
कॉलेज प्रशासन ने इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार क्लर्क प्रमोद वर्मा को ठहराया है। प्राचार्य डॉ. बीएस चौहान ने अपने बयान में कहा कि जनभागीदारी शाखा का संचालन करने वाले क्लर्क प्रमोद वर्मा ने यह गड़बड़ी की है। डॉ. चौहान के अनुसार, प्रमोद वर्मा को इस गड़बड़ी के लिए पहले ही दो नोटिस दिए जा चुके थे और उनसे जवाब भी मांगा गया था। इसके बावजूद प्रमोद वर्मा की ओर से इस वित्तीय अनियमितता को नजरअंदाज किया गया। प्राचार्य ने यह भी बताया कि गड़बड़ी अक्टूबर माह में हुई थी, और इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई थी।
प्राचार्य के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि प्रमोद वर्मा ने जानबूझकर इस गड़बड़ी को अंजाम दिया और कॉलेज की जनभागीदारी समिति के खाते से भारी राशि निकाल ली। हालांकि, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इसके लिए प्रमोद वर्मा को पहले चेतावनी दी जा चुकी थी और इसके बावजूद उन्होंने इस गड़बड़ी को अंजाम दिया।
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राज्य सरकार की कार्रवाई
Kawardha News Latest Update: राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. बीएस चौहान को सस्पेंड कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। इसके साथ ही, उन्हें दुर्ग जिले में अटैच कर दिया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने इस मामले में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कॉलेज के वित्तीय प्रबंधन को और भी कड़ी निगरानी में रखा जाए ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताएं न हों। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह शैक्षिक संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए और कठोर कदम उठाएगी।
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कॉलेज प्रशासन और कर्मचारियों में असंतोष
प्राचार्य की सस्पेंशन के बाद कॉलेज प्रशासन और कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति बन गई है। कई कर्मचारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक कर्मचारी की गलती नहीं है, बल्कि इसमें अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। अब पूरे कॉलेज प्रशासन में इस गड़बड़ी की जांच को लेकर असमंजस की स्थिति है। कॉलेज प्रशासन के एक हिस्से ने इसे एक व्यक्तिगत गलती बताया है, जबकि अन्य ने इसे संस्थान की ओर से हुई बड़ी लापरवाही करार दिया है।




