बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता पक्ष की बहस पूरी हो चुकी है और अब अगली सुनवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) अपना पक्ष रखेगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर 2025 को तय की है।
गिरफ्तारी को बताया असंवैधानिक
चैतन्य बघेल ने अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को असंवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्हें ईडी ने 18 जुलाई 2025 को भिलाई से गिरफ्तार किया था। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर हाईकोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया था। वर्तमान में इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में हो रही है।
न्यायिक रिमांड पर जेल
ईडी की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने पर 23 अगस्त को चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
ईडी का दावा: 16.70 करोड़ POC प्राप्त
ईडी की जांच के अनुसार, चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की प्रोसीड्स ऑफ क्राइम (POC) प्राप्त हुई थी, जिसे उन्होंने अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया और नकद भुगतान भी किया। आरोप है कि उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से फ्लैट खरीद और कैश ट्रांजैक्शन किए।
2,500 करोड़ रुपये का घोटाला
ईडी के मुताबिक, शराब घोटाले से राज्य के खजाने को बड़ा नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (POC) विभिन्न लाभार्थियों तक पहुंचाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि चैतन्य बघेल ने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक POC को संभालने में सक्रिय भूमिका निभाई और धनराशि को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष सहित अन्य सहयोगियों तक पहुंचाया।
बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी
इस मामले में पहले ही कई वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, आईटीएस अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कवासी लखमा शामिल हैं।
राजनीतिक असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में होने वाले न्यायालय के निर्णय का असर राज्य की राजनीति और भ्रष्टाचार विरोधी जांचों पर व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है।




