KHABARWAAD RAIPUR. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिनों पहले कुछ आरोपियों को मोहलत दी थी। उनमे से मुख्य आरोपी याह्या ढेबर ने आज कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बता दें कि मामले में सुप्रीम कोर्ट से कुछ दिनों की आरोपियों को मोहलत मिली थी। मामले के 4 अन्य आरोपी कभी भी सरेंडर कर सकते हैं।
जग्गी हत्याकांड मामले में 31 लोगों के खिलाफ मुकदमा चला था, जिसमें से दो विक्रम शर्मा और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह थे। इसके बाद, 29 आरोपितों पर केस चलाया गया, जिनमें से 27 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उम्रकैद की सजा पाने वालों में 2 तत्कालीन सिविल सेवा पदों पर थे, और एक थाना प्रभारी भी था। इसके साथ ही, रायपुर मेयर एजाज ढेबर के भाई याह्या ढेबर और एक शूटर चिमन सिंह भी मामले में शामिल थे।
2003 में हुई थी रामावतार जग्गी की हत्या
4 जून 2003 को एनसीपी नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से दो विक्रम शर्मा उर्फ बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। 29 आरोपितों पर केस चला. इस मामले के मुख्य आरोपित पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को छोड़कर शेष 27 आरोपितों को उम्रकैद की सजा हुई थी। उम्रकैद की सजा पाने वालों में 2 तत्कालीन CSP और एक तत्कालीन थाना प्रभारी के अलावा रायपुर मेयर एजाज ढेबर के भाई याहया ढेबर और शूटर चिमन सिंह भी शामिल हैं।




