लखनऊ। गुरुवार को कांशीराम स्मारक स्थल पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की विशाल रैली में सुप्रीमो मायावती ने जोरदार संबोधन दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर कांशीराम के अपमान का आरोप लगाया और भाजपा सरकार की प्रशंसा की। मायावती ने कहा कि कासगंज जिले का नाम उनकी सरकार में मान्यवर कांशीराम नगर रखा गया था, लेकिन सपा ने सत्ता में आते ही इसे बदल दिया। उन्होंने दलित समाज से जागरूक होने की अपील की और इमरजेंसी के दौरान संविधान के दमन और बाबासाहेब अंबेडकर को भारत रत्न न मिलने की बात उठाई।
भाजपा सरकार का आभार, स्मारक रखरखाव पर जोर
बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती ने कहा कि उनकी सरकार में बने स्मारक के लिए टिकट से होने वाली आय का उपयोग लखनऊ के पार्कों और स्मारकों के रखरखाव के लिए किया जाता था। उन्होंने वर्तमान योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि सपा के उलट, भाजपा ने स्मारक आने वाले लोगों से होने वाली आय पर रोक नहीं लगाई। मायावती ने लाखों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति पर खुशी जताई और कहा कि स्मारक की मरम्मत पूरी होने से लोग कांशीराम को श्रद्धांजलि देने भारी संख्या में पहुंचे।
आकाश आनंद: बसपा ही देगी आरक्षण का पूरा लाभ
रैली में बसपा राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद ने कहा कि आरक्षण का पूरा लाभ अभी तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने मायावती को कांशीराम के अधूरे सपनों को पूरा करने वाली नेता बताया और कहा कि यूपी की जनता को उनकी जरूरत है। आनंद ने जोर देकर कहा कि बसपा सरकार में ही दलितों और जातिवाद के पीड़ितों को सम्मानजनक जीवन और आरक्षण का सही लाभ मिलेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बसपा को मजबूत कर सत्ता में लाने का आह्वान किया।




