रायपुर। नगर निगम रायपुर में संपत्तिकर वसूली को लेकर महापौर मीनल चौबे ने मंगलवार को अहम निर्देश जारी किए। महापौर ने कहा कि निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने के लिए राजस्व वसूली को और कड़ा किया जाएगा।
मोबाइल टावर और होर्डिंग लगाने वालों से टैक्स वसूली
महापौर मीनल चौबे ने निर्देश दिए कि निगम क्षेत्र के उन भवन मालिकों से व्यवसायिक दरों के अनुसार टैक्स वसूला जाए, जिन्होंने अपनी छत पर मोबाइल टावर लगाए हैं या विज्ञापन होर्डिंग लगवाई है। उन्होंने इसे निगम के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बताया और कहा कि इसे पूरी गंभीरता से लागू किया जाएगा।
सीलबंद भवनों पर कार्रवाई तेज
बैठक में उन बकायादारों पर भी चर्चा हुई, जिन्होंने सीलबंदी के बाद भी नगर निगम को लंबित राशि का भुगतान नहीं किया। महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और वसूली में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
Read Also- गोलीकांड आरोपी करण साव के अवैध निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई, बुलडोजर से ढांचा ध्वस्त
खाली भूखंडों से राजस्व वसूली पर जोर
महापौर ने शहर के सभी खाली भूखंडों की सूची बनाने और उनके अनुसार टैक्स वसूलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाली भूखंड भी निगम की आय का महत्वपूर्ण स्रोत हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
समय पर टैक्स देने पर छूट
महापौर ने नागरिकों से अपील की कि वे 31 दिसंबर 2025 से पहले वर्तमान वित्त वर्ष का संपत्तिकर जमा कर 4% की छूट का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि समय पर टैक्स अदा करने वाले नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि विलंब करने वालों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
महापौर ने साफ किया कि कर वसूली में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग को निर्देश दिए गए कि बार-बार नोटिस मिलने के बाद भी भुगतान नहीं करने वाले मामलों में कानूनी कार्रवाई तेजी से की जाए।
महापौर ने यह भी कहा कि टैक्स भुगतान को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, जिनका अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए।




