रायपुर। श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज की मान्यता के बदले रिश्वतखोरी के संगीन मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन डॉक्टरों सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें CBI की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पांच दिन की रिमांड पर भेजा गया है।
CBI की यह बहुचर्चित छापेमारी 6 राज्यों के 40 ठिकानों पर एक साथ की गई, जिसमें छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश शामिल हैं। रायपुर स्थित रावतपुरा मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों पर घूसखोरी का गंभीर आरोप है, जिसे लेकर CBI ने पहले से ही केस दर्ज कर रखा था।
CBI के अनुसार, आरोपियों ने मेडिकल काउंसिल से मान्यता दिलवाने के बदले 1.62 करोड़ रुपये की रिश्वत पहले ही वसूल ली थी, वहीं 55 लाख रुपये की दूसरी किस्त भी सौंपने की तैयारी थी। CBI ने सौदे की भनक मिलते ही जाल बिछाकर पूरे नेटवर्क को पकड़ लिया।
जांच के दौरान आरोपी डॉ. मंजुप्पा सीएन, डॉ. चैत्रा एमएस, डॉ. अशोक शेलके और एसआरआईएमएसआर के डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी को एक जुलाई को रायपुर से गिरफ्तार किया गया है. वहीं रविचंद्र और सतीश को बैंगलोर से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है. सीबीआई के वकील ने विशेष अदालत को बताया कि विभिन्न स्थानों पर तलाशी ली गई है, और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
इस घोटाले ने मेडिकल शिक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन संस्थानों से देश के भविष्य के डॉक्टर तैयार होते हैं, अगर वहां भी मान्यता दिलाने के लिए रिश्वत का खेल चल रहा है, तो यह आम जनता की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ है। CBI ने संकेत दिए हैं कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें भी कोर्ट में पेश किया जाएगा। साथ ही, जिन अफसरों और एजेंसियों की मिलीभगत से यह सौदा संभव हुआ, उनकी भूमिका की भी जांच चल रही है।




