दुर्ग। केंद्र सरकार के निर्देश पर युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 7 मई को सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। मॉक ड्रिल को लेकर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आज शाम एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियाँ तय की जाएंगी।
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कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जानकारी दी कि दुर्ग जिले में भिलाई इस्पात संयंत्र जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं, इसी वजह से यहां मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इस अभ्यास में आपदा प्रबंधन की भूमिका निभाते हुए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि युद्ध या आतंकी हमले जैसी किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियाँ कितनी प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया दे सकती हैं।
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यह निर्देश गृह मंत्रालय द्वारा देश के कई राज्यों को दिए गए हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए युद्धस्तर पर तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। युद्ध की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका के बीच यह मॉक ड्रिल एक एहतियाती कदम के रूप में देखा जा रहा है।





