रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में तेजी से बढ़ रही चमक-दमक वाली नाइट लाइफ और इवेंट इंडस्ट्री के पीछे का अब एक खतरनाक सच उजागर हुआ है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि बड़े होटल, क्लब, फार्महाउस और रिसॉर्ट केवल एंटरटेनमेंट और पार्टियां तक सीमित नहीं थे, बल्कि यहां ड्रग्स और अश्लील गतिविधियों का कारोबार भी फल-फूल रहा था।
मुख्य आरोपी नव्या मलिक और इवेंट मैनेजर विधि अग्रवाल ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया है कि उनकी कंपनी “बिहाइंड द सीन्स” कई नामी होटल, रिसोर्ट और फार्महाउस में इवेंट आयोजित करती थी। इन्हीं इवेंट्स और आफ्टर-पार्टियों में नशे का जाल बिछाया जाता था।

टेक्नो पार्टी के नाम पर नशे का कारोबार
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि टेक्नो और ड्रग्स पार्टियों का नेटवर्क रायपुर से निकलकर मुंबई, पुणे और गोवा तक फैला हुआ था। संभ्रांत घरानों के युवा यहां शामिल होते थे। शुरुआत 25–30 लोगों से होती थी, लेकिन रात ढलते ही चुनिंदा 10–15 लोग बचते थे, जहां ड्रग्स और आपत्तिजनक गतिविधियों का खेल चलता था।
हाई-प्रोफाइल कनेक्शन पर सवाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों का संपर्क कई बड़े उद्योगपतियों, कारोबारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से था। पार्टी में इनकी मौजूदगी की बात भी कबूल की गई है। सवाल ये है कि क्या कार्रवाई केवल आयोजकों तक सीमित रहेगी या इस काले खेल के असली खिलाड़ियों तक भी पहुंचेगी?
नाइट क्लब कल्चर का दूसरा पहलू
रायपुर की इवेंट और क्लब इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है। नए-नए होटल और क्लब ग्लैमर व मनोरंजन का दावा करते हैं, लेकिन इस केस ने दिखा दिया कि इनकी आड़ में नशे का कारोबार और अश्लील गतिविधियां भी पल रहा है। यही वजह है कि अब पुलिस होटल और फार्महाउस मालिकों से पूछताछ की तैयारी ओर कदम बढ़ा रही है।
समाज के लिए चेतावनी
ड्रग्स रैकेट का यह खुलासा केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए खतरे की घंटी है। माता-पिता को अपने बच्चों की गतिविधियों पर नज़र रखने की ज़रूरत है, ताकि “पार्टी” के नाम पर उनका भविष्य अंधेरे में न धकेला जा सके।




