नई दिल्ली। दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है, जो कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाई जाती है। यह दिन सुख, समृद्धि और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है। परंपरा के अनुसार, इस दिन सोना, चांदी और नए बर्तनों की खरीद शुभ मानी जाती है। साथ ही भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है।
इस दिन घरों में दीप जलाने, पूजा-अर्चना करने और यमराज के नाम से दीपदान करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि और देवी लक्ष्मी की आराधना से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और परिवार में खुशहाली आती है।
यमराज की पूजा का महत्व
धनतेरस की शाम को मृत्यु के देवता यमराज की भी पूजा की जाती है। घर के बाहर यमराज के नाम का दीपक जलाया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन दीपदान करने से यमराज प्रसन्न होते हैं और परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। इसी परंपरा से जुड़ी एक पौराणिक कथा पुराणों में मिलती है।
पौराणिक कथा से जुड़ा प्रसंग
कथा के अनुसार, एक बार यमराज ने अपने दूतों से पूछा कि जब वे किसी व्यक्ति के प्राण हरते हैं, तो क्या उन्हें कभी दया नहीं आती? दूतों ने पहले तो ‘नहीं’ कहा, लेकिन फिर बताया कि एक बार ऐसी घटना घटी थी जब उनका हृदय कांप उठा था।
हेम नामक एक राजा के घर पुत्र हुआ था। ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की कि उसके विवाह के चार दिन बाद उसकी मृत्यु निश्चित है। राजा ने अपने पुत्र को यमुना तट की एक गुफा में ब्रह्मचारी जीवन जीने के लिए भेज दिया। एक दिन वहीं पर महाराजा हंस की पुत्री घूमने आई। युवक ने कन्या को देखा और उससे गंधर्व विवाह कर लिया। भविष्यवाणी के अनुसार, विवाह के चार दिन बाद ही युवक की मृत्यु हो गई।
यमदूतों ने बताया कि उस नवविवाहिता के विलाप को सुनकर उनका भी हृदय द्रवित हो गया था। तब एक यमदूत ने यमराज से पूछा कि क्या अकाल मृत्यु से बचने का कोई उपाय नहीं है। इस पर यमराज ने कहा कि जो व्यक्ति धनतेरस के दिन श्रद्धा से पूजन और दीपदान करता है, उसके घर अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।
धनतेरस का संदेश
धनतेरस केवल खरीदारी का दिन नहीं है, बल्कि यह जीवन में स्वास्थ्य, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करने का पर्व है। दीपदान और पूजा के माध्यम से व्यक्ति न केवल ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करता है, बल्कि अपने घर-परिवार की सुख-शांति के लिए भी मंगल कामना करता है।




