रायपुर। छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू और लोक संस्कृति को अपनी रचनाओं में अमर करने वाले प्रसिद्ध जनकवि केदार सिंह परिहार का आज सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने साहित्य और कला जगत में शोक की लहर दौड़ा दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने शोक संदेश में लिखा, छत्तीसगढ़ ल छांव करे बर, मैं छानही बन जातेंव… अइसन अंतस के गीत लिखइया, प्रसिद्ध कवि अऊ गीतकार श्री केदार सिंह परिहार जी के देवलोक गमन के समाचार बड़ दु:खद हवय। परिहार जी के अवसान से छत्तीसगढ़ के साहित्यिक जगत गहरा आघात महसूस कर रहा है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करें।
छत्तीसगढ़ ल छांव करे बर, मैं छानही बन जातेंव…
अइसन अंतस के गीत लिखइया, प्रसिद्ध कवि अऊ गीतकार श्री केदार सिंह परिहार जी के देवलोक गमन के समाचार बड़ दु:खद हवय।छत्तीसगढ़ के माटी अऊ संस्कृति ला अपन गीत अऊ शब्द मा जिवंत करइया परिहार जी के अवसान ले साहित्य जगत हा सुन्ना होगे हे।…
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) August 31, 2025
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी ट्वीट के माध्यम से शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोक गायक और कवि केदार सिंह परिहार ने अपने भावनात्मक गीतों और रचनाओं से छत्तीसगढ़वासियों के दिलों में अमिट स्थान बनाया। उनका निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
छत्तीसगढ़ की आत्मा को अपने शब्दों में पिरोने वाले लोक गायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री केदार सिंह परिहार जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है।
अपने भावनात्मक गीत के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ वासियों के दिलों में जगह बनाई है। उनका जाना हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है।
ईश्वर…
— Arun Sao (@ArunSao3) August 31, 2025
केदार सिंह परिहार की कविताएँ और गीत छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और भावनाओं के अमूल्य संग्रह के रूप में हमेशा जीवित रहेंगे। उनके निधन से छत्तीसगढ़ का साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत गहरे शोक में डूब गया है।




