रायपुर। राजधानी के वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रॉपर्टी डीलर से हुई मारपीट के मामले में क्राइम ब्रांच ने 25 सदस्यीय विशेष टीम के साथ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर के घर दबिश देकर लाखों रुपये नकद, सोना, महत्वपूर्ण जमीन से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ पिस्टल, कारतूस और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बावजूद आरोपी रोहित तोमर और उनके भाई वीरेंद्र तोमर अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी है और फिलहाल उनके परिजनों से भी पूछताछ कर रही है।
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यह मामला तब सामने आया जब सड्ढू कैपिटल सिटी फेस-01 निवासी दशमीत चावला उर्फ निक्की ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दशमीत ने आरोप लगाया कि 31 मई की रात वह अपने मित्र हरीश बेलानी के साथ राजधानी के LOD रेस्टोरेंट में भोजन कर रहा था। रात लगभग 12:15 बजे रेस्टोरेंट से बाहर निकलते समय, रोहित तोमर ने पुरानी रंजिश के चलते उस पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गालियां देने लगा। जब दशमीत ने इसका विरोध किया तो रोहित ने उस पर हमला कर दिया।
दशमीत के अनुसार, रोहित ने पास पड़े एक डंडे से उस पर हमला करने की कोशिश की, जिसे रेस्टोरेंट के बाउंसरों ने बीच में ही रोक लिया। हालांकि, रोहित के साथ मौजूद प्राइवेट बाउंसरों ने दशमीत को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। इस हमले में दशमीत के चेहरे और कंधे पर गंभीर चोटें आई हैं।
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घटना की सूचना मिलने पर दशमीत ने अपने बड़े भाई दलजीत चावला को फोन कर जानकारी दी। इस पर रोहित ने दलजीत को भी मोबाइल पर अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू की। पुलिस ने कोर्ट से सर्च वारंट प्राप्त कर आरोपी के घर दबिश दी। 15 घंटे तक चले छापेमारी में पुलिस को भारी सफलता मिली। आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में नकदी, सोना, जमीन से जुड़े कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा, आरोपी के कब्जे से थार और बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं।
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फिलहाल रोहित और वीरेंद्र तोमर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को थाने बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोप है कि दोनों भाई आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हैं और उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद इस घटना के पीछे की साजिश और आपराधिक नेटवर्क का पता लगाया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि कानून के हाथ लंबा हैं और अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा




