रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के लगातार आत्मसमर्पण को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन सरेंडर के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं छिपी है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर सरकार और नक्सलियों के बीच किस स्तर की शांति वार्ता हुई है, जिसकी जानकारी जनता से छिपाई जा रही है?
दीपक बैज ने कहा, नक्सलियों के सरेंडर की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार की भूमिका संदेह के घेरे में है। सभी ऑपरेशन बंद कर दिए गए हैं। जब 200 नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे थे, तब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों मौजूद थे, फिर वे मौके पर क्यों नहीं पहुंचे? सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर औपचारिकता क्यों निभाई गई?
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कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह अचानक बढ़े सरेंडर का सिलसिला किस रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं यह झीरम 2 जैसी किसी साजिश की भूमिका तो नहीं बन रही है।
वहीं, दीपक बैज के इन आरोपों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस हमेशा देश तोड़ने वालों के साथ खड़ी नजर आती है। प्रधानमंत्री ने जो बात कही है, वह कांग्रेसियों की समझ से परे है। नक्सलियों को पांच साल तक कांग्रेस सरकार ने ही पाला-पोसा। देश विरोधी ताकतों के साथ इनका रिश्ता जगजाहिर है।




