रायपुर। राजधानी रायपुर के संकरी गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब चराई के दौरान 13 भेड़ और 3 भैंस अचानक एक-एक कर गिरने लगीं और मौके पर ही दम तोड़ दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने जहरीला पानी पीने को इस सामूहिक पशु मौत की मुख्य वजह बताया है।
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घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पशुओं के शवों का पोस्टमार्टम करवाने के निर्देश दिए गए। एसडीएम नंद कुमार चौबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट्री के काले कारनामों पर संदेह
जिस खाली प्लॉट में पशुओं की मौत हुई, उसके ठीक सामने एक फैक्ट्री स्थित है, जिस पर ताला लगा हुआ मिला। इस फैक्ट्री के मालिक रविकांत अग्रवाल को जब बुलाया गया, तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई कि किराए पर दी गई फैक्ट्री में क्या संचालित हो रहा है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फैक्ट्री का संचालन सुलभ अग्रवाल नामक व्यक्ति कर रहा है और वहां ट्रकों में इस्तेमाल होने वाला DEF (Diesel Exhaust Fluid) तैयार किया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकले रासायनिक अपशिष्ट पानी की वजह से यह हादसा हुआ है।
पीड़ित परिवार सदमे में, ग्राम पंचायत भी अनजान
लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत में मृत भैंसों के मालिक ईश्वर यादव ने कहा कि उनका परिवार दशकों से डेरी चला रहा है और यह घटना उनके लिए आर्थिक और मानसिक रूप से बड़ा झटका है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं गांव के सरपंच प्रतिनिधि प्रशांत कुर्रे ने बताया कि ग्राम पंचायत को फैक्ट्री संचालन की कोई सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने भी DEF रसायन की वजह से जल प्रदूषण और पशु मौत की आशंका जताई है।
जांच जारी, जिम्मेदारों पर जल्द होगी कार्रवाई
प्रशासन ने प्लॉट और फैक्ट्री से सैंपल लेकर वाटर और केमिकल एनालिसिस के लिए भेज दिया है। फिलहाल गांव में सतर्कता बरती जा रही है और अन्य पशुओं को प्रभावित क्षेत्र से दूर रखने की सलाह दी गई है।




