राजिम। राज्यपाल रमेन डेका के गोद ग्राम बिजली सहित फिंगेश्वर विकासखंड के कई इलाकों में “चमत्कारिक इलाज” के बहाने चंगाई सभाओं के जरिए धर्मांतरण कराने के आरोप लगे हैं। रविवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ मिलकर बिजली और बेलटुकरी में चल रही चंगाई सभाओं का घेराव किया।
राजिम: चंगाई सभाओं में धर्मांतरण के आरोप, विहिप और बजरंग दल का विरोध
जानकारी के मुताबिक, आयोजकों ने स्वीकार किया कि वे बिना किसी सरकारी अनुमति के अपनी मर्जी से ये प्रार्थना सभाएं आयोजित कर रहे हैं। इनमें अधिकतर गरीब, पिछड़े वर्ग के लोग और कुछ सरकारी कर्मचारी भी शामिल होते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इन सभाओं में गंभीर बीमारियों के ठीक होने का दावा कर लोगों को बुलाया जाता है और बाद में राम, कृष्ण और महादेव की शक्ति पर सवाल उठाकर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जाता है। ग्राम सुरसाबांधा में इसी तरह की एक सभा के दौरान तीन माह पहले इलाज के दौरान एक युवती की मौत भी हो चुकी है।
कार्रवाई की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी
विहिप के जिला अध्यक्ष प्रकाश निर्मलकर और संयोजक मोहित साहू ने चेतावनी दी कि यदि पैसों के लालच और तथाकथित जादुई शक्तियों के बहाने धर्मांतरण नहीं रोका गया, तो जिलेभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। परिषद ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तीनों स्थानों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे।




