राजनांदगांव। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की एक टिप्पणी को लेकर कायस्थ समाज में गहरा आक्रोश है। 14 जून को महाराष्ट्र के श्रीक्षेत्र चक्रमंडी बीड में प्रवचन के दौरान मिश्रा ने कायस्थ समाज के कुलदेवता भगवान चित्रगुप्त को ‘मुछंदर’ कहकर संबोधित किया। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे समाज ने भगवान का अपमान बताया।
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विरोध स्वरूप 17 जून को राजनांदगांव के कायस्थ समाज ने आकस्मिक बैठक बुलाई और कथावाचक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। साथ ही मिश्रा को 7 दिन में सार्वजनिक माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया गया। माफी न मांगने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई। हालांकि बढ़ते विवाद को देखते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने मध्यप्रदेश के सीहोर में भगवान चित्रगुप्त और कायस्थ समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।




