दुर्ग। दुर्ग केंद्रीय जेल में उस समय हड़कंप मच गया जब एक विचाराधीन कैदी ने चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान किशुन साहू के रूप में हुई है, जो धमधा क्षेत्र के देवरी गांव का निवासी था और पत्नी की हत्या के आरोप में वर्ष 2024 से जेल में बंद था।
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जानकारी के मुताबिक, किशुन साहू ने बैरक नंबर 20 के टॉयलेट में जाकर जेल की चादर से फंदा बनाकर जान दे दी। जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया तो अन्य कैदियों ने उसे ढूंढना शुरू किया। इसी दौरान उसका शव फंदे पर लटका मिला, जिसे देख सभी सकते में आ गए। इसकी सूचना तुरंत जेल प्रशासन को दी गई।
सूत्रों के अनुसार, किशुन साहू पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था और जेल में ही उसका इलाज हो रहा था। आत्महत्या की सूचना मिलते ही पद्मनाभपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि 19 अप्रैल 2024 को किशुन साहू ने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी कविता साहू की गला घोंटकर हत्या कर दी थी और फिर शव को म्यार से लटकाकर खुद पुलिस थाने जाकर सरेंडर किया था। तभी से वह जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में बंद था।
दुर्ग पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि आत्महत्या के इस मामले में विस्तृत जांच की जा रही है, जिसमें यह भी देखा जाएगा कि क्या कैदी मानसिक तनाव में था और जेल प्रशासन द्वारा उचित निगरानी की जा रही थी या नहीं।
यह घटना जेल सुरक्षा और कैदियों की मानसिक स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है।




