सूरज मानिकपुरी, कवर्धा। नवरात्रि की शुरुआत से पहले पूरा प्रदेश उत्सव की तैयारी में जुटा है, लेकिन कवर्धा जिले के कामठी गांव में त्योहार से पहले ही तनाव की काली छाया मंडरा गई। शनिवार सुबह पंडाल स्थापना को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने लगाया हुआ पंडाल हटाया, तो दूसरे पक्ष ने इसे खुली चुनौती मान लिया। बात-बात में तकरार बढ़ी और देखते ही देखते गांव का माहौल गरमा गया।
पुलिस ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों और जवानों के बीच भी भिड़ंत हो गई। इस झड़प में एक गर्भवती महिला आरक्षक घायल हो गई, जिसे हाथ में गंभीर चोट आई है। वहीं, मौके पर मौजूद एसडीओपी के साथ भी दुर्व्यवहार किए जाने की बात सामने आई।
असल में, यह विवाद अचानक नहीं फूटा। गांव में मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों को लेकर सालों से असहमति चलती रही है। कभी नामकरण को लेकर बहस, तो कभी मूर्तियों की स्थापना को लेकर मतभेद। समय-समय पर यह तनाव सतह पर आ जाता है और इस बार नवरात्रि की तैयारियों ने पुराने घाव फिर से कुरेद दिए।
फिलहाल स्थिति को काबू में करने जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन लगातार शांति की अपील कर रहा है, लेकिन गांव का माहौल अब भी भारी है।
त्योहार जहां श्रद्धा और उत्साह का प्रतीक होता है, वहीं कामठी का यह विवाद दिखाता है कि जब पुराने मतभेदों को समय रहते सुलझाया न जाए, तो वे उत्सव की रोशनी पर भी साया डाल सकते हैं।




