रायपुर। राजधानी रायपुर में मेडिकल में सीट दिलाने के नाम पर परिवार से लाखों की ठगी की गई। जिससे मेडिकल स्टूडेंट का भविष्य बीच मझधार में अटक गया है। मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के प्रोफेसर कॉलोनी का है।
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प्रोफेसर कॉलोनी निवासी सुब्रतो मुखर्जी (49 वर्ष) से जुड़ा है, जो निजी कंपनी में नौकरी करते हैं. उनकी बेटी आयुषी मुखर्जी वर्ष 2023 में नीट की तैयारी कर रही थी. काउंसलिंग के दौरान वे बिलासपुर के होम्योपैथिक डॉक्टर किशानु दास के संपर्क में आए. किशानु ने खुद को मेडिकल एडमिशन में गाइडेंस देने वाला बताया और पश्चिम बंगाल स्थित जेएमएन मेडिकल कॉलेज में कम फीस पर दाखिला दिलाने का दावा किया. असल फीस मेडिकल की 86 लाख रुपये थी, लेकिन किशानु ने इसे 48 लाख रुपये में एडमिशन कराने का झांसा दिया.आरोपी के बातों पर भरोसा कर सुब्रतो ने पांच लाख रुपये दे दिए. इसके बाद वे अपनी बेटी को लेकर पश्चिम बंगाल पहुंचे और जेएमएन मेडिकल कॉलेज में दाखिला भी करा दिया.
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कॉलेज में दाखिले के बाद सच्चाई आई सामने
हालांकि, कॉलेज में दाखिले के बाद प्रबंधन ने पूरी फीस की मांग की और एक कानूनी बांड पर भी सिग्नेचर करवा लिए. लेकिन कॉलेज ने फीस की शेष राशि की मांग की जो देना परिवार के लिए संभव नहीं है. फीस नहीं चुकाने पर छात्रा आयुषी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे उसकी आगे की पढ़ाई भी रुक गई है.
इस घटना से परेशान होकर सुब्रतो मुखर्जी ने रायपुर पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने जांच के बाद आरोपी डॉक्टर किशानु दास को गिरफ्तार कर लिया है.




