दंतेवाड़ा। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने मंगलवार को पुना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत कोण्डागांव जिले के ग्राम देवखरगांव में संचालित पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में रह रहे पुनर्वासित युवाओं से संवाद कर उन्हें दिए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शासकीय योजनाओं के लाभ की जानकारी ली। मौके पर 35 पुनर्वासित युवाओं को स्मार्टफोन और प्रशिक्षण किट का वितरण भी किया गया।
आईजी सुंदरराज पी ने पुनर्वासित युवाओं से चर्चा करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि हिंसा का मार्ग छोड़ चुके लोगों को कौशल प्रशिक्षण और विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवनयापन कर सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनें। उन्होंने युवाओं से प्रशिक्षण अवधि का पूरा लाभ उठाने और यहां से सीखी गई बातों को अपने जीवन के साथ-साथ गांवों तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही विकास के मार्ग को अपनाने के लिए पुनर्वासित व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने पुनर्वास केंद्र में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि शासन का उद्देश्य प्रशिक्षण के बाद पुनर्वासित व्यक्तियों को स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार की आजीविका के लिए सक्षम बनाना है। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने पुना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन योजना के अंतर्गत विभिन्न ट्रेड में दिए जा रहे कौशल प्रशिक्षण और शासकीय योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी दी।




