कोरबा। जिले में 17 करोड़ की लागत से बने देवी अहिल्याबाई होल्कर कन्वेंशन सेंटर की छत और फॉल सीलिंग उद्घाटन के केवल एक माह बाद ही गिर गई। निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद अब जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (हाउसिंग बोर्ड) के दो इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है।
यह कन्वेंशन सेंटर डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) मद से स्वीकृत राशि से तैयार किया गया था। निर्माण की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को सौंपी गई थी। भव्य स्वरूप में बने इस सेंटर का उद्घाटन पिछले माह किया गया था, लेकिन हाल ही में इसकी छत और फॉल सीलिंग भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त हॉल में कोई कार्यक्रम नहीं था, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
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इस गंभीर लापरवाही पर कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत ने तत्काल मामले की जानकारी हाउसिंग बोर्ड आयुक्त अवनीश शरण को दी। आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अपर आयुक्त से जांच करवाई। जांच में यह सामने आया कि निर्माण कार्य में न केवल गंभीर तकनीकी खामियां थीं, बल्कि गुणवत्ता मानकों की भी अनदेखी की गई थी।
जांच रिपोर्ट आने के बाद आयुक्त अवनीश शरण ने कार्यपालन अभियंता आर. के. दंदेलिया और सहायक अभियंता कांशी प्रकाश पैकरा को निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय जगदलपुर स्थित गृह निर्माण मंडल के संभागीय कार्यालय में निर्धारित किया गया है।
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कन्वेंशन सेंटर की छत गिरने की घटना ने न केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि सरकारी एजेंसियों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इस पूरे मामले की व्यापक जांच की मांग अब ज़ोर पकड़ने लगी है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाहियां दोबारा न हों।




