नई दिल्ली। साल 2025 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर की रात को लगेगा। यह ग्रहण रात 10:58 बजे से शुरू होकर देर रात 1:26 बजे तक रहेगा। ग्रहण से पहले दोपहर 12:57 बजे से सूतक काल शुरू हो जाएगा।
सूतक और राहु काल का दुर्लभ संयोग
इस बार सूतक काल के साथ राहु काल भी पड़ रहा है। 7 सितंबर की शाम 5:01 बजे से 6:35 बजे तक राहु काल रहेगा। ज्योतिषविदों के अनुसार यह संयोग विशेष प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों, रोगियों और गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
गर्भवती महिलाओं के लिए निर्देश
ग्रहण और सूतक के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्क रहना चाहिए। इस अवधि में सब्जी काटने, खाना बनाने, पूजा-पाठ या घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। इससे गर्भस्थ शिशु पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका रहती है।
बच्चे और बुजुर्ग
इस समय बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर न जाने दें। उन्हें किसी भी तरह की जोखिम भरी गतिविधि से दूर रखें और अकेले सुनसान जगहों पर जाने से मना करें।
रोगग्रस्त व्यक्ति
बीमार लोगों को सूतक काल के दौरान विशेष ख्याल की जरूरत है। उन्हें घर से बाहर न निकलने दें और नियमित देखभाल करें।




