नई दिल्ली। अखंड सुहाग और सौभाग्य का पर्व करवा चौथ इस साल शुक्रवार, 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रोदय के बाद पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं।
हालांकि इस बार करवा चौथ पर एक दुर्लभ खगोलीय संयोग बनने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस वर्ष चतुर्थी तिथि पर चांद दिखाई नहीं देगा। करीब 9 साल बाद ऐसा होगा जब करवा चौथ की रात चांद पंचमी तिथि पर उदित होगा।
हिंदू पंचांग के मुताबिक, कार्तिक कृष्ण चतुर्थी 9 अक्टूबर की रात 10:54 बजे से शुरू होकर 10 अक्टूबर की शाम 7:38 बजे समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार व्रत 10 अक्टूबर को रखा जाएगा। मगर इस बार चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 14 मिनट पर रहेगा, यानी उस समय तक पंचमी तिथि लग चुकी होगी। सुहागनें पंचमी के चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोलेंगी।
धार्मिक मान्यता है कि करवा चौथ व्रत सौभाग्य वृद्धि और वैवाहिक सुख का प्रतीक है। इस बार उपवास की अवधि लगभग 14 घंटे 30 मिनट की रहेगी — सुबह 6:20 बजे से शुरू होकर रात 8:14 बजे तक। इसके बाद चांद निकलने पर महिलाएं पूजा-अर्चना कर अपने व्रत का समापन करेंगी।




