नेशनल डेस्क। नवंबर का महीना अब समाप्ति की ओर है, और इसी के साथ तीन ऐसी बड़ी डेडलाइन नज़दीक आ चुकी हैं जिनका असर सीधे तौर पर सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और टैक्सपेयर्स—तीनों पर पड़ेगा। इन समय-सीमाओं को नजरअंदाज करने पर न केवल आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि कई तरह की प्रशासनिक दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं। आइए समझते हैं, आखिर कौन-सी हैं ये तीन अहम डेडलाइन जो 30 नवंबर को खत्म हो रही हैं।
1. UPS चुनने का आखिरी मौका — 30 नवंबर
सरकारी कर्मचारियों के लिए 30 नवंबर एक बेहद महत्वपूर्ण तारीख है। वित्त मंत्रालय ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में शामिल होने की अंतिम तारीख इसी दिन तय की है। यह समयसीमा पहले 30 सितंबर थी, लेकिन कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए इसे बढ़ाकर नवंबर के अंत तक कर दिया गया।
UPS को NPS की तुलना में अधिक स्थिर, सुरक्षित और सुनिश्चित रिटायरमेंट मॉडल माना जा रहा है। ऐसे में जिन कर्मचारियों को इस नई स्कीम का विकल्प चुनना है, उनके पास अब सिर्फ कुछ ही दिन बचे हैं। समय रहते निर्णय नहीं लेने पर इस विकल्प का लाभ मिस हो सकता है।
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2. पेंशनरों के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य
देशभर के पेंशनभोगी नागरिकों को भी 30 नवंबर तक अपना लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) अनिवार्य रूप से जमा करना है।
यह दस्तावेज यह पुष्टि करता है कि पेंशनभोगी जीवित हैं और पेंशन जारी रह सकती है। समय पर प्रमाणपत्र जमा न करने पर अगले महीने की पेंशन रोक दी जाएगी और फिर पुन: सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। सरकार ने जमा करने के लिए कई सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराए हैं—बैंक शाखा, डोरस्टेप सर्विस, ऑनलाइन पोर्टल और आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन।
3. टैक्सपेयर्स के लिए कई जरूरी कंप्लायंस की डेडलाइन भी 30 नवंबर
टैक्स से जुड़े कई महत्वपूर्ण कामों की समयसीमा भी इसी दिन खत्म हो रही है। टैक्सपेयर्स को 30 नवंबर से पहले निम्न कार्य पूरे करने होंगे:
- अक्टूबर 2025 में काटे गए TDS का स्टेटमेंट जमा करना
(सेक्शन 194-IA, 194-IB, 194M, 194S के अंतर्गत) - जिन टैक्सपेयर्स को सेक्शन 92E के तहत रिपोर्ट जमा करनी होती है, उनके लिए ITR फाइल करने की अंतिम तारीख
- अंतरराष्ट्रीय समूह (International Group) की किसी भी Constituent Entity द्वारा फॉर्म 3CEAA जमा करना
समय रहते निपटा लें सारे काम
सरकारी कर्मचारी हों, पेंशनर हों या टैक्सपेयर—तीनों वर्गों के लिए 30 नवंबर की ये डेडलाइन्स बेहद अहम हैं।
एक-एक दिन की देरी आने वाले समय में परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए समय रहते सभी जरूरी औपचारिकताएँ पूरी कर लेना ही बेहतर है।




