रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज से सभी तहसीलों में कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा। तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन पर जा रहे हैं। यह आंदोलन 30 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान कोई भी राजस्व संबंधी कार्य नहीं होगा, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने पहले ही 18 जुलाई को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद मांगें पूरी न होने पर अब आंदोलन शुरू कर दिया गया है।
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आंदोलन की रूपरेखा
- 28 जुलाई 2025: जिला स्तर पर सभी राजस्व अफसर सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
- 29 जुलाई 2025: संभाग/राज्य स्तर पर सामूहिक अवकाश और प्रदर्शन होगा।
- 30 जुलाई 2025: प्रदेश स्तर पर राजधानी रायपुर में सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 30 जुलाई तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
यह हैं अफसरों की मुख्य 17 सूत्रीय मांगे
- सभी तहसीलों में स्वीकृत पदों पर तत्काल नियुक्ति।
- तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो।
- नायब तहसीलदार के पद को राजपत्रित घोषित किया जाए।
- तहसीलदार और नायब तहसीलदार के ग्रेड पे में शीघ्र सुधार हो।
- सभी तहसीलों में शासकीय वाहन और चालक की व्यवस्था या वाहन भत्ता दिया जाए।
- बिना वैध प्रक्रिया के निलंबित अधिकारियों को 15 दिनों में बहाल किया जाए।
- न्यायालयीन मामलों को जनशिकायत के रूप में न लिया जाए।
- न्यायालयीन आदेशों के आधार पर FIR दर्ज न की जाए।
- न्यायालयीन कार्य हेतु अलग से उपस्थिति व्यवस्था की जाए।
- आउटसोर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति हेतु तहसीलदार को अधिकृत किया जाए।
- तकनीकी कार्यों के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटरों की नियुक्ति।
- SLR/ASLR की भू-अभिलेख कार्य हेतु पुनः बहाली।
- पदेन शासकीय मोबाइल नंबर और डिवाइस उपलब्ध कराए जाएं।
- राजस्व न्यायालयों में सुरक्षा कर्मी और फील्ड भ्रमण हेतु वाहन की व्यवस्था।
- सड़क दुर्घटनाओं व आपात स्थिति में मुआवजा राशि वितरण हेतु स्पष्ट गाइडलाइन्स।
- संघ को शासन स्तर पर वार्ता और पत्राचार में मान्यता प्रदान की जाए।
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राजस्व न्यायालयों के सुदृढ़ीकरण हेतु विशेषज्ञ कमिटी का गठन।




