रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राजधानी रायपुर स्थित शासकीय शिक्षा महाविद्यालय परिसर, शंकर नगर में पदोन्नत प्राचार्यों के लिए ऑनलाइन ओपन काउंसिलिंग की शुरुआत हो गई है। इस प्रक्रिया में कुल 845 नव पदोन्नत प्राचार्य शामिल होंगे।
लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में काउंसिलिंग 20 अगस्त से 23 अगस्त 2025 तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से आयोजित होगी। प्रत्येक दिन दो पालियों में 150-150 प्राचार्यों को शामिल किया जाएगा। पदोन्नति आदेश और रिक्त पदों की सूची पहले ही स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जारी कर दी गई है, जिससे चयन प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बनी रहे।
सरकार द्वारा तय नियमावली और वरिष्ठता के आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी, इसके बाद महिला और फिर पुरुष अभ्यर्थियों को वरिष्ठता क्रम के आधार पर संस्था चयन का अवसर दिया जाएगा। एक वर्ष से कम समय में सेवानिवृत्त होने वाले प्राचार्यों को भी प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।
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काउंसिलिंग के लिए वेटिंग हॉल और काउंसिलिंग कक्ष निर्धारित कर दिए गए हैं, जहाँ केवल अभ्यर्थियों को प्रवेश की अनुमति होगी। सभी पदोन्नत प्राचार्यों को सेवा प्रमाण पत्र और मान्य फोटोयुक्त पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य रहेगा।
जो अभ्यर्थी निर्धारित दिन पर उपस्थित नहीं होंगे, उन्हें अंतिम दिन 23 अगस्त को अवसर दिया जाएगा। काउंसिलिंग पूर्ण होने के बाद शासन द्वारा पदस्थापना आदेश जारी किए जाएंगे तथा सभी को आदेश प्राप्ति के सात दिनों के भीतर पदग्रहण करना अनिवार्य होगा।
सरकार का कहना है कि इस पहल से प्राचार्यों की पदस्थापना प्रक्रिया अब निष्पक्ष, पारदर्शी और सुविधाजनक हो गई है। रिक्त पदों की जानकारी पहले से सार्वजनिक कर दिए जाने से सभी अभ्यर्थियों को अपने अधिकार और विकल्प स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो सके हैं।




