केंद्र सरकार ने 18 जून को हुआ UGC-NET 2024 का एग्जाम रद्द कर दिया है। यह एग्जाम भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) कराता है। केंद्र सरकार ने एग्जाम में गड़बड़ी की आशंका के चलते मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है।
UGC NET एग्जाम देशभर की यूनिवर्सिटीज में PhD एडमिशन्स, जूनियर रिसर्च फेलोशिप यानी JRF और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए होता है।
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पेन-पेपर मोड में हुआ था एग्जाम 18 जून को यह एग्जाम OMR यानी पेन-पेपर मोड में हुआ था। इस बार UGC NET के 83 सब्जेक्ट्स का एग्जाम एक ही दिन दो शिफ्टों में आयोजित किया गया था। पहली शिफ्ट सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक थी और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक थी।
इससे पहले UGC NET का एग्जाम ऑनलाइन CBT यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होता था। ये बदलाव इसलिए किया गया, ताकि सभी सब्जेक्ट्स और सभी सेंटर्स पर एग्जाम एक ही दिन में आयोजित किया जा सके। साथ ही दूर-दराज के सेंटर्स में भी एग्जाम आयोजित हो सके।
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20 हजार स्टूडेंट्स ने एग्जाम में गड़बड़ी को लेकर दायर की याचिका
देशभर में NEET UG 2024 को लेकर अलग-अलग राज्यों में लगभग 20 हजार स्टूडेंट्स ने याचिकाएं दायर की थीं, जिसमें परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत की गई है। ग्रेस मार्क्स के खिलाफ दायर की गई याचिका में कहा गया कि NTA ने अब तक ये नहीं बताया कि उन्होंने स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स देने के लिए क्या तरीका अपनाया। वहीं, एग्जाम के पहले NTA की तरफ से जारी इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में भी ग्रेस मार्क्स देने के प्रावधान का जिक्र नहीं था। ऐसे में कुछ कैंडिडेट्स को ग्रेस मार्क्स देना सही नहीं है।




