KHABARWAAD KAWARDHA. बोडला विकासखंड के ग्राम भलपहरी से लगे हुए आशा मिनलर गिट्टी खदान के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। इस बार ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर कहां की यदि गिट्टी खदान बंद नहीं हुई तो वहां चलने वाले ट्रकों को आग लगा देंगे।
दअरसल पुरा मामला यह है कि ग्राम पंचायत भलपहरी से लगा हुए एक गिटटी खदान है जहां पत्थर के लिए बडी खाई के जैसे कई फीट गढ्डा कर दिया गया है। इस गढढे में भरे पानी को पम्प के माध्यम से बाहर फेंका जा रहा है। इसके कारण गांव सहित आसपास के 5 किमी की दूरी वाले सारे गांव में जल स्तर काफी कम होते जा रहा है।
भलपहरी में तो एक घंटा बाद नल व हैंण्ड पंप से पानी आना ही बंद हो जाता है। इससे गांव में जल संकट गहराता जा रहा है। जिसे देखने वाले कोई जिम्मेदार नहीं है। जबकि इससे पहले कई बार कलेक्टर से लेकर मंत्री तक को आवेदन दे चुके है पर इस खदान को कोई बंद कराने ध्यान नहीं दे रहे है। इससे नाराज आज ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर खदान को बंद कराने की मांग करते हुए महिलओं ने कहां कि यदि खदान बंद नहीं होगी तो रास्ते में वहां चलने वाले गाडियों को आग लगा देंगे।
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हर रोज ब्लास्टिंग से हिल जाता है पुरा गांव भलपहरी स्थित आशा मिनरल्स गिट्टी खदान में कई स्थानों पर पत्थर निकाले जा चुके है और कई स्थानों पर खोदाई जारी है। सैकडों फीट गहरा किया जा चुका है। यहां पत्थर को तोडने के लिए हर रोज ब्लास्टिंग किया जा रहा है। इनके ब्लास्ट करने से पुरा गांव हिल जाता है। घरों के छत व दिवार में दरार आ गए है। घर में रखे बर्तन गिरने लगते है। इससे बच्चों सहित सभी को जान का खतरा रहता है।
रोड भी बदहाल भरलपहरी से प्रतिदिन कई ट्रक गिट्टी व अन्य समाने लेकर बडे बडे ट्रक गांव से गुजरते है। जिसके कारण गांव की सडके जर्जर हो चुकी है। इसी बदहाल सडक से ही लोगों को अपना जीवन यापन करना पड रहा है। वहीं जर्जर सडक के ट्रक के चलने से धूल से गांव में बिमारी फैल रही है। इससे नाराज ग्रामीणों ने कलेक्टर को 300 से अधिक ग्रामीणों ने ज्ञापन सौपकर गिट्टी खदान बंद करने की मांग की है।




