जगदलपुर। बस्तर में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद से जनजीवन पटरी पर नहीं लौट सका है। सड़कों और पुल-पुलियों के टूटने से लोग अब भी परेशान हैं। प्रशासन की उदासीनता से आहत ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही श्रमदान कर सड़क बनाने का बीड़ा उठाया।
ग्राम पंचायत सालेपाल और बारूपाटा के सैकड़ों लोग सुबह से ही रापा, तगाड़ी और ट्रैक्टर लेकर सड़क मरम्मत में जुट गए। महिलाएं भोजन की व्यवस्था करती रहीं, ताकि काम करने वालों को वहीं खाना मिल सके। ग्रामीणों ने ठान लिया है कि सड़क पूरी तरह तैयार होने तक प्रयास जारी रखेंगे। इस सामूहिक कार्य में बच्चे और बुजुर्ग तक शामिल हुए हैं।
सड़क टूटने की वजह से ग्रामीणों को 1 किलोमीटर का सफर करने के लिए 12 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। जरूरी सामान लाने-ले जाने में भी भारी दिक्कतें हो रही हैं। इसी मार्ग पर पहले एक युवक की जान भी जा चुकी है। बार-बार शिकायत के बावजूद जब प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली तो लोगों ने खुद ही समाधान निकालने का फैसला किया।




