KHABARWAAD RAIPUR. छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी के तहत रेडी-टू-ईट का काम एक बार फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को देने की दिशा में राज्य की विष्णुदेव साय सरकार कदम उठा लिया है. इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से चार टीमों का गठन किया गया है, इस योजना के बेहतर क्रियान्वायन के लिए अन्य राज्यों में जाकर अध्ययन करेगी.
मिली जानकारी के अनुसार; इन टीमों में आठ सदस्य शामिल होंगे और वे महाराष्ट्र, ओडिशा, केरला, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात अध्ययन करने जाएंगे. अध्ययन दल के रिपोर्ट अनुसार रेडी-टू-ईट का काम महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे जाएंगे.
अध्ययन दल में कौन-कौन है शामिल?
अन्य राज्यों में जाकर रेडी-टू-ईट का अध्ययन करने वाले टीम में महिला एवं बाल विकास के संयुक्त संचालक, उप संचालक और सहायक संचालक शामिल है. ओडिशा और महाराष्ट्र का दौरा संयुक्त संचालक अर्चना राणा और उप संचालक श्रुति नेरकर, कर्नाटक का संयुक्त संचालक क्रिस्टिना लाल और सहायक संचालक शिव सोनी, मध्य प्रदेश और झारखण्ड का संयुक्त संचालक दिलदार सिंह व् उप संचालक मुक्तानंद खूटे तथा केरला, उत्तर प्रदेश और गुजरात का उप संचालक प्रियंका केशर और सुनील शर्मा करेंगे.
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तीस लाख महिलाओं से कांग्रेस सरकार ने छीन लिया था रोजगार
बताते चलें कि पूर्वर्ती कांग्रेस की सरकार ने केंद्र सरकार का हवाला देते हुए तीस लाख महिलाओं के स्व-सहायता समूहों से रेडी-टू-ईट का काम छीन कर राज्य बीज विकास निगम को सौंप दिया था. इससे 1786 समूहों की तीस लाख महिलाएं बेरोजगारी का सामना कर रही थी, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद एक बार फिर अब उन्हें रेडी-टू-ईट का काम मिल सकेगा.




