ख़बरवाद नेशनल डेस्क। सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया था। इन याचिकाओं में मुख्यमंत्री सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ सीबीआई और ईडी द्वारा जांच की मांग की गई थी।उच्च न्यायालय के समक्ष जनहित याचिकाओं में से एक में ईडी को 2010 में मनरेगा फंड के वितरण से उत्पन्न कथित अपराधों से संबंधित 16 प्राथमिकियों की जांच के लिए निर्देश देने की गुहार लगाई गई थी।दूसरी याचिका में, मुख्यमंत्री सोरेन के परिवार द्वारा कुछ कंपनियों में धन के कथित हस्तांतरण की जांच की मांग की की गई थी।तीसरी जनहित याचिका में मुख्यमंत्री के अपने नाम से खनन पट्टे प्राप्त करने के लिए मुकदमा चलाने की मंजूरी देने की मांग की गई थी।प्रवर्तन निदेशालय ने पहले दावा करते हुए कहा था कि भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी पूजा सिंघल की गिरफ्तारी के बाद उनके पास से बरामद सामग्री का राजनीतिक उच्चाधिकारियों से सीधा संबंध है।सिंघल राज्य में खान और भूविज्ञान विभाग के सचिव और झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड (जेएसएमडीसी) की प्रबंध निदेशक थीं।ईडी ने 11 मई को उन्हें गिरफ्तार किया था और अगले दिन12 मई को झारखंड सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था।




