Statement of CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा के प्रसार में पुस्तकालयों की भूमिका पर प्रदेश के छात्रों और शिक्षकों को अहम संदेश दिया है। गुरुवार को उन्होंने मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में “बदलते शैक्षणिक एवं सामाजिक परिवेश में लाइब्रेरी की भूमिका और चुनौतियां” विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस की शुरुआत और सहभागिता की।
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Statement of CM Mohan Yadav: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था और पुस्तकालय सदियों से ज्ञान का खजाना रहे हैं। पुस्तकालय हर काल और युग में विद्वानों और विचारकों को आकर्षित करते रहे हैं।
आज मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में “Opportunity and Challenges for Libraries in the changing Education and Social Construct (OCLCESC-2024)” विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ कर सहभागिता की।
इस अवसर पर… pic.twitter.com/oDvOQPxBq9
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) August 22, 2024
पुस्तकालय से अच्छाई की रोशनी मिलती है
Statement of CM Mohan Yadav: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संबोधन में कहा कि अच्छाइयों का अपना एक प्रताप होता है। जो सहमत नहीं होते वो हमसे संघर्ष की भूमिका में आते हैं। जैसा कि भगवान कृष्ण ने कहा है कि मेरा जन्म धर्म के लिए होगा। धर्म का मतलब केवल पूजा पाठ और कर्मकांड नहीं है। धर्म का मतलब हमारी आस्था, हमारे जीवन का सत्य जिसके कारण से हम सदैव जाने जाते हैं। धर्म का अर्थ सुव्यवस्थाओं से है जिन्हें हम निभाते हैं।
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सीएम ने उज्जैन की पौराणिकता पर रोशनी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दौरान उज्जैन नगरी की ऐतिहासिकता और पौराणिकता पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि कहा कि ऐसा कहा जाता है कि जीते जी अमरत्व की प्राप्ति कराने का कोई स्थान है तो वह अवंतिका नगरी उज्जैन है। यहां की पवित्रता और आध्यात्मिकता मन, आत्मा और शरीर को सुकून देती है। यह नगरी धर्म, संस्कृति और शाश्वत शांति का अद्भुत संगम है।




