Rahul Gandhi Statement: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को महाराष्ट्र के चंद्रपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से की। राहुल ने कहा- ‘मोदी जी की याददाश्त कमजोर हो रही है, अमेरिकी राष्ट्रपति को भी भूलने की बीमारी है।’ राहुल ने कहा कि मेरी बहन ने मुझे बताया कि आजकल मोदी जी अपने भाषणों में वही बातें बोल रहे हैं, जो हम बोल रहे हैं। शायद मोदी जी को मेमोरी लॉस हो गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति भी भाषण देते वक्त भूल जाते थे। कुछ बोलना होता था और कुछ और बोल देते थे। फिर पीछे से उन्हें बताया जाता था कि ये नहीं बोलना है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति आए थे, उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति ने रूस का राष्ट्रपति पुतिन कह दिया। उनके पीछे खड़े लोगों ने कहा कि ये रूस के नहीं हैं, यूक्रेन के हैं। उनका मेमोरी लॉस हो गया था। ऐसे ही हमारे प्रधानमंत्री का मेमोरी लॉस हो गया है।
Read Also- भाजपा का कांग्रेस पर हमला बोल, कहा- लोगों को दवा चाहिए थी तब भूपेश सरकार शराब बेच रही थी
राहुल बोले- पीएम हमारे भाषणों की बातें दोहरा रहे
Rahul Gandhi Statement: राहुल ने कहा कि हो सकता है अगली मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी आपसे कहेंगे कि महाराष्ट्र सरकार सोयाबीन के लिए प्रति क्विंटल 7 हजार रुपए देती है। मैंने कहा भाजपा कॉन्सटीट्यूशन पर आक्रमण कर रही है, वो कहते हैं कांग्रेस पार्टी संविधान पर आक्रमण कर रही है। मैं हर भाषण में संविधान की कॉपी लेकर चल रहा हूं, इसे दिखा रहा हूं, एक साल में कह रहा हूं कि भाजपा इस पर आक्रमण कर रही है। मोदी जी को पता लगा कि लोगों को गुस्सा आ रहा है तो मोदी जी कहने लगे हैं कि राहुल गांधी संविधान पर हमला कर रहे हैं।
Read Also- दिल्ली की हवा में ‘जहर’, AQI 400 के पार, प्रदूषण फैलाने वाले प्लांटों पर होगी सख्त कार्रवाई
Rahul Gandhi Statement: मैं हर भाषण में कहता हूं कि 50% आरक्षण की दीवार को गिराकर हम दायरा बड़ा कर देंगे। लोकसभा में मैंने मोदी जी के सामने ये कहा कि 50% आरक्षण की दीवार जिसे आप नहीं तोड़ना वाह रहे हो, उसे हम लोकसभा में तोड़कर दिखाएंगे। लेकिन उनको मेमोरी लॉस हो गया। वो कहते हैं कि राहुल गांधी आरक्षण के खिलाफ है।
अगली मीटिंग में कहेंगे राहुल गांधी जातीय जनगणना के खिलाफ हैं। जबकि मैंने उनके सामने कहा है कि मोदी जी जातीय जनगणना कराइए। देश को पता लगना चाहिए कि कितने दलित हैं, कितने आदिवासी है और कितने पिछड़े वर्ग के लोग हैं। देश का पता लगना चाहिए कि इनकी भागीदारी कितनी है।




