श्रीनगर। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पर्यटक अपने-अपने घरों की तरफ जाने लगे हैं। इसकी वजह से सड़कों पर जाम जैसी स्थिति है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स हैंडल पर कहा कि पहलगाम में कल हुए दुखद आतंकी हमले के बाद घाटी से हमारे मेहमानों का पलायन देखना दिल दहला देने वाला है, लेकिन साथ ही हम पूरी तरह से समझते हैं कि लोग क्यों जाना चाहते हैं। DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय अतिरिक्त उड़ानों को व्यवस्थित करने के लिए काम कर रहे हैं।
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NH-44 एक तरफ से खोला गया
सीएम ने कहा कि श्रीनगर और जम्मू के बीच NH-44 को एक ही दिशा में यातायात के लिए फिर से जोड़ा गया है। मैंने प्रशासन को श्रीनगर और जम्मू के बीच यातायात को सुगम बनाने का निर्देश दिया है ताकि पर्यटक वाहन निकल सकें। यह नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से करना होगा। हम सभी फंसे हुए वाहनों को निकालने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हम इस समय वाहनों की पूरी तरह से मुक्त आवाजाही की अनुमति नहीं दे पाएंगे और हमें उम्मीद है कि हर कोई हमारा सहयोग करेगा।
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने जारी की एडवाइजरी
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने एडवाइजरी का एक पत्र एक्स हैंडल पर शेयर करते हुए कहा कि पहलगाम में हुई घटना के बाद, अपने घर लौटने के इच्छुक पर्यटकों की ओर से अप्रत्याशित मांग की गई है। इस संबंध में, एयरलाइनों को सलाह दी जाती है कि वे बढ़ती मांग के जवाब में उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए त्वरित कार्रवाई करें और साथ ही श्रीनगर से भारत भर के विभिन्न गंतव्यों तक निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करें, ताकि फंसे हुए पर्यटकों को निकाला जा सके। एयरलाइनों से यह भी अनुरोध किया जाता है कि वे रद्दीकरण और पुनर्निर्धारण शुल्क माफ करने पर विचार करें।




