राजगीर। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को बिहार के राजगीर में आयोजित ‘संविधान सुरक्षा सम्मेलन’ को संबोधित करने पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने बिहार की वर्तमान स्थिति पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार अपनी पुरानी पहचान सत्य, न्याय और अहिंसा खो चुका है और अब इसे ‘क्राइम कैपिटल ऑफ इंडिया’ कहा जाता है।
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राहुल गांधी ने कहा, “बिहार की जो छवि कभी सोच, शिक्षा और संस्कृति का केंद्र थी, वह धीरे-धीरे बदल गई है। आज जापान, कोरिया, चीन जैसी विकसित राष्ट्रों की सोच और प्रगति की बात होती है, लेकिन उनकी ये सोच बिहार से शुरू हुई थी। बिहार से ही कुवैत, श्रीलंका, कोरिया, जापान तक विचारों का प्रवास हुआ। यह बिहार की असली ताकत थी, जिसे हम आज खोते देख रहे हैं।”
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उन्होंने बिहार में रोजगार की कमी को भी बड़ी चुनौती बताया। राहुल गांधी ने कहा, “यह बदलाव केवल लोगों का नहीं, बल्कि उनकी सरकार का भी है, जिसने बिहार को ‘क्राइम कैपिटल’ बना दिया। नालंदा विश्वविद्यालय के दिन थे, जब पूरी दुनिया से छात्र यहां पढ़ने आते थे। आज बिहार से लोग रोजगार की तलाश में देश-विदेश जाते हैं, क्योंकि यहां रोजगार के अवसर खत्म हो चुके हैं।”
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राहुल गांधी ने देश में सामाजिक असमानता पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश की 500 सबसे बड़ी कंपनियों में अति पिछड़ा, पिछड़ा और दलित वर्ग का प्रतिनिधित्व बहुत कम है। “इन वर्गों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए जाते हैं, बजट में उनके लिए विशेष कानून बनाए जाते हैं, लेकिन किसी भी बड़ी कंपनी में दलित, आदिवासी या पिछड़ा वर्ग का सीईओ या मैनेजमेंट टीम में सदस्य नहीं है। यह स्थिति चिंता का विषय है।”
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उन्होंने कहा, “भारत की अर्थव्यवस्था में 90 प्रतिशत लोगों की भागीदारी नहीं है। यह असमानता दूर की जानी चाहिए, तभी भारत सच्चे अर्थों में विकसित राष्ट्र बन सकेगा।” राहुल गांधी ने बिहार के लोगों से अपील की कि वे इस बदलाव को पहचानें और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि बिहार की प्रतिभा और इतिहास के दम पर यह राज्य फिर से विकास और प्रगति के मार्ग पर चल सकता है। इस मौके पर राहुल गांधी ने बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाने और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।




