नई दिल्ली। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ जलगांव एयरपोर्ट पर एक अप्रत्याशित घटना हुई। मुक्ताईनगर के दौरे के बाद जब वह मुंबई लौटने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे, तो उनके चार्टर विमान के पायलट ने उड़ान भरने से मना कर दिया। वजह थी – पायलट की तय सीमा से अधिक उड़ान समय।
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स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट पहले ही लगातार 12 घंटे से उड़ान भर रहा था और उसकी ड्यूटी के निर्धारित उड़ान घंटे पूरे हो चुके थे। ऐसे में उसने सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए विमान उड़ाने से इनकार कर दिया। इस घटनाक्रम के चलते एयरपोर्ट पर करीब 45 मिनट तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला।
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स्थिति बिगड़ती देख एकनाथ शिंदे खुद पायलट के पास पहुंचे और उनसे बातचीत की। उन्होंने पायलट को भरोसा दिलाया और आग्रह किया कि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए वे उड़ान भरें। आखिरकार पायलट मान गया और विमान ने मुंबई के लिए उड़ान भरी।
इस घटना के दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारी और आम लोग स्तब्ध रह गए। यह पहला मौका था जब किसी वरिष्ठ नेता को स्वयं पायलट को मनाकर उड़ान भरवानी पड़ी। यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है और उड़ान सुरक्षा तथा कर्मचारियों की कार्य सीमा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।




