नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की हसीन वादियों में बना चिनाब ब्रिज अब देशभर के हवाई यात्रियों के लिए एक नया आकर्षण बन गया है। चिनाब नदी पर स्थित यह पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे-आर्च ब्रिज है, जिसे लेकर यात्रियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रीनगर की ओर उड़ान भरने वाले विमानों में अब पायलट इसकी विशेष घोषणा करते हैं, जिसे सुनकर यात्री खिड़कियों से झांकने लगते हैं और कैमरों में इस नजारे को कैद करने के लिए उत्सुक हो उठते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक ब्रिज का उद्घाटन 6 जून 2025 को किया था। 1,315 मीटर लंबा यह पुल समुद्र तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो इसे इंजीनियरिंग की दुनिया में एक अद्वितीय उपलब्धि बनाता है।
रेलवे बोर्ड के सूचना और प्रचार के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया, “चिनाब ब्रिज ऊंचाई के हर स्तर से सराहना का केंद्र बन गया है। जम्मू और कश्मीर की घाटियों के ऊपर से गुजरने वाली हर फ्लाइट में जैसे ही विमान चिनाब घाटी के करीब पहुंचता है, पायलट केबिन में घोषणा करते हैं— ‘आपके नीचे दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे-आर्च ब्रिज चिनाब ब्रिज है।’”
इस घोषणा के बाद यात्रियों में एक अलग ही ऊर्जा और गर्व की भावना देखने को मिलती है। लोग खिड़कियों से बाहर झांकते हैं, तस्वीरें खींचते हैं, वीडियो बनाते हैं और एक-दूसरे के साथ उस पल को साझा करते हैं। केबिन तालियों और प्रशंसा की गूंज से भर जाता है।
भारतीय रेलवे की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल जमीन पर बल्कि अब आसमान में भी लोगों का दिल जीत लिया है। चिनाब ब्रिज सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि भारतीय इंजीनियरिंग का प्रतीक बन चुका है, जिस पर हर भारतीय को गर्व है।




