गरियाबंद। जिले के पितईबंद घाट (पैरी नदी) में रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ ‘पत्रकारों’ को भी खुलेआम निशाना बना रहे हैं। सोमवार को यहां एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब अवैध रेत खनन की पड़ताल करने पहुंचे पत्रकारों पर खदान संचालक के गुर्गों ने जानलेवा हमला कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, पत्रकार इमरान मेमन, थानेश्वर साहू, जितेंद्र सिन्हा और अन्य मीडियाकर्मी पितईबंद घाट पर अवैध खनन की सच्चाई उजागर करने पहुंचे थे। मौके पर उन्हें भारी संख्या में अवैध रेत से लदे वाहन दिखाई दिए। पत्रकारों ने तत्काल इस बात की जानकारी जिला खनिज अधिकारी को दी, लेकिन खनिज विभाग की टीम घटनास्थल पर नहीं पहुंची।
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कुछ ही देर में खदान संचालक के 7–8 गुर्गे वहां धमक पड़े। पहले बहसबाजी हुई, फिर अचानक गुर्गों ने हमला बोल दिया। कैमरे, पहचान पत्र और मोबाइल फोन छीन लिए गए। पत्रकारों को लात-घूंसों और डंडों से बुरी तरह पीटा गया। जान बचाने के लिए पत्रकारों को खेतों और खलिहानों में दौड़कर छिपना पड़ा, लेकिन गुर्गे बाइक और स्कूटी से उनका पीछा करते रहे, मानो जंगलराज का लाइव प्रसारण हो रहा हो।
घटना के तुरंत बाद पत्रकार इमरान मेमन ने एक वीडियो मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के ग्रुप में भेज किया। वीडियो में उनकी सांसें उखड़ी हुई थीं और चेहरे पर डर साफ झलक रहा था। इस मैसेज ने प्रशासन को हिला कर रख दिया।
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कलेक्टर भगवान सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को तत्काल मौके पर रवाना किया। एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने राजिम पुलिस को तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए। पुलिस और प्रशासन की टीम अब घटनास्थल पर मौजूद है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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रेत माफियाओं का कहर: पत्रकारों पर किया जानलेवा हमला, कैमरे-आईडी छीनकर खेतों में दौड़ाया pic.twitter.com/gpSWCsremd
— khabarwaad (@khabarwaad) June 9, 2025




