अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को हुए भीषण विमान हादसे में जहां 265 लोगों की जान चली गई, वहीं एक चमत्कारिक घटना ने सभी को हैरान कर दिया। लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के इस हादसे में सीट नंबर 11A पर बैठे विश्वास रमेश कुमार नामक यात्री जीवित बच गए। वहीं, हादसे की जगह पर राख और मलबे के बीच एक भगवद्गीता का सही-सलामत मिलना भी लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं रहा।
पुलिस जवानों के लिए दुर्ग में मेगा मेडिकल कैम्प का आयोजन कल
हादसा कैसे हुआ?
एअर इंडिया का विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही मेघानी नगर स्थित मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की इमारत से टकरा गया। चश्मदीद और जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार ने बताया कि उड़ान भरते वक्त कुछ अजीब-सा लगा। “एक क्षण के लिए सबकुछ जैसे थम गया, फिर अचानक तेज लाइट्स जलीं और विमान ने तेज रफ्तार पकड़ी। तभी जोरदार टक्कर हुई और मैं नीचे की ओर गिर पड़ा। शायद मेरी सीट प्लेन के उस हिस्से में थी जो हॉस्टल की निचली दीवार से टकराई। ऊपर आग लग चुकी थी, पर मुझे एक टूटा हुआ रास्ता दिखा और जैसे-तैसे निकल सका।”
अहमदाबाद में बड़ा विमान हादसा: 5 MBBS स्टूडेंट, 1 PG रेजिडेंट डॉक्टर, सुपरस्पेशलिस्ट की पत्नी… डॉक्टर्स हॉस्टल में मारे गए लोगों की डिटेल
भगवद्गीता बनी आशा की किरण
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य में जुटे दल को मलबे में एक भगवद्गीता मिली, जिसके पन्ने भीषण आग और धुएं के बावजूद सुरक्षित थे। एक स्वयंसेवक ने बताया, “हमने सोचा कि किताब जल गई होगी, लेकिन जब पास जाकर देखा तो वह लगभग पूरी तरह सुरक्षित थी। पन्नों पर सिर्फ हल्की कालिख थी और लिखा हुआ सब कुछ स्पष्ट दिख रहा था।”
स्थानीय लोगों और बचावकर्मियों ने इस घटना को दैवीय संकेत माना। सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। किसी ने इसे “श्रीकृष्ण की शक्ति” बताया, तो किसी ने कहा, “कलियुग में भी भगवद्गीता की रक्षा हो रही है, यह आस्था की जीत है।”
जांच और प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, AAIB और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की टीम हादसे के तकनीकी कारणों की जांच में जुटी है। लेकिन विश्वास कुमार का बचना और भगवद्गीता का सुरक्षित मिलना इस हादसे के बीच एक उम्मीद और आस्था की कहानी बनकर उभरी है, जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया है।




