सरगुजा। शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। उदयपुर विकासखंड के देवटिकरा प्राथमिक स्कूल में पदस्थ हेडमास्टर रजक राम शराब के नशे में इस कदर धुत था कि वह स्कूल के बाहर ही बरामदे में बेसुध पड़ा मिला। इस शर्मनाक घटना का वीडियो ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों ने किया विरोध, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोमवार को जब अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा है और हेडमास्टर नशे की हालत में ज़मीन पर पड़ा है। स्थिति देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
Read Also- लाल पानी से बिगड़ रहे हालात: ग्रामीणों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन, मुआवज़े और स्थायी समाधान की उठाई मांग
बीईओ पहुंचे तो ताला लगा मिला स्कूल
सूचना मिलते ही उदयपुर के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) रविकांत यादव दोपहर लगभग 12:30 बजे देवटिकरा स्कूल पहुंचे। तब तक हेडमास्टर वहां से जा चुका था, लेकिन स्कूल के गेट पर ताला बंद मिला। बीईओ ने ग्रामीणों के बयान लिए और उनके आधार पर हेडमास्टर रजक राम के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन की अनुशंसा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सरगुजा को भेजी है।
दूसरा शिक्षक भी गायब, नोटिस जारी
बीईओ ने जानकारी दी कि स्कूल में हेडमास्टर के साथ-साथ एक और शिक्षक चोलाराम पदस्थ हैं, जो कि सोमवार को बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए बीईओ ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
Read Also- रिश्वतखोर बाबू रंगेहाथ गिरफ्तार! GPF के बदले मांगे थे 50 हजार, एंटी करप्शन ब्यूरो ने दबोचा
युक्तियुक्तकरण के बाद दो शिक्षकों पर टिका है स्कूल
ज्ञात हो कि युक्तियुक्तकरण नीति के तहत प्राथमिक शालाओं में केवल दो शिक्षक एक हेडमास्टर और एक सहायक शिक्षक की नियुक्ति की गई है। ऐसे में दोनों शिक्षकों की गैरमौजूदगी से पूरे विद्यालय का संचालन प्रभावित हुआ और सत्र के पहले ही दिन बच्चों को निराश होकर लौटना पड़ा।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना ने न केवल ग्रामीणों को आक्रोशित किया है, बल्कि शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि बच्चों की शिक्षा और भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।




