आशीष पदमवार
बीजापुर। जिले के ग्राम पुसनार, हिरोली और डुमीरपालनार के पंचायत प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सोमवार को बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर एनएमडीसी की बैलाडीला स्थित आयरन खदान से निकलने वाले लाल पानी (लाल मिट्टी युक्त प्रदूषित पानी) से हो रहे व्यापक नुकसान की शिकायत की। ग्रामीणों ने विधायक को एक ज्ञापन सौंपते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
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ग्रामीणों का कहना है कि खदान से बहने वाला लाल पानी गांवों से गुजरने वाली बेरूकी नदी में मिल रहा है, जिससे नदी का पानी पूरी तरह प्रदूषित हो गया है। इस जहरीले पानी के उपयोग से मवेशियों की अचानक मृत्यु हो रही है, खेतों की फसलें नष्ट हो रही हैं और ग्रामीणों को गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
- प्रदूषित पानी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
- लाल पानी से प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए।
- प्रभावित गांवों के बेरोजगार युवाओं को एनएमडीसी में रोजगार प्रदान किया जाए।
- लाल पानी प्रभावित क्षेत्र में एक सर्वसुविधायुक्त अस्पताल की स्थापना की जाए।
- मवेशियों की मृत्यु होने पर उचित मुआवजा दिया जाए।
- डुमीरपालनार में कदंमपाल डेम की तर्ज पर एक डेम का निर्माण किया जाए।
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विधायक विक्रम मंडावी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज़ हैं और सरकार को इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे स्वयं 20 जून को लाल पानी से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और मौके पर स्थिति का जायजा लेंगे।




